पति और पत्नी का पवित्र रिश्ता · नयी मंज़िल
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पति और पत्नी का पवित्र रिश्ता

पति और पत्नी का पवित्र रिश्ता

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पति और पत्नी का पवित्र रिश्ता

क्या होता है पति पत्नी का रिश्ता? पति पत्नी के सुखी जीवन का सार क्या है और इस रिश्ते को कैसे निभाएँ? आइए जाने पति पत्नी के रिश्ते को मज़बूत कैसे बनाएँ और जाने कुछ टिप्स इस रिश्ते की समस्याओं को सुलझाने के लिए!

पति – पत्नी और इक्कीसवीं सदी 

भारतीय समाज में पति-पत्नी के रिश्ते को शुरुआत से ही एक ऐसे रिश्ते के रुप में देखा गया है जिसमें पति घर के ख़र्च चलाने के लिए पैसै कमा कर लाता है और पत्नी घर के काम करती और घर सम्भालती है। चुँकि आज का भारत अभी भी लगभग 70% गाँव में रहता है इसलिए वहाँ अभी भी यही परंपरागत

सोच है…लेकिन शहरों में सोच कुछ बदल सी रही है जहाँ घर की स्त्रियाँ भी बाहर काम करने जाती हैं।

इस वक्त, इस बारे में हमें जानने की और भी ज़्यादा ज़रुरत है क्योंकि हाल ही में भारत के सुप्रीम कोर्ट ने यह फ़ैसला सुनाया कि व्यभिचार (पति और पत्नी का एक दूसरे के अलावा किसी और के साथ व्यक्तिगत शारीरिक संबंध बनाना ) जायज़ है और यह कोई दण्डनीय अपराध नहीं। अगर ऐसी बात है तो फिर पति पत्नी के रिश्ते कि एहमियत क्या है ?

समझने वाली बात ये है कि आख़िर इस रिश्ते में पति और पत्नी का क्या किरदार है ? क्यों और किस तरह दोनों एक साथ जीवन बिता सकते हैं ? क्या है ये रिश्ता?

पति और पत्नी का रिश्ता क्या होता है ?

‘दो जिस्म एक जान’…जी हाँ, आपने सही सुना ! यही है पति पत्नी का रिश्ता…वैसे ये दो जिस्म एक जान वाली बात और कहीं नहीं बल्कि बाइबिल में मिलती है।

जब परमेश्वर ने पहले इन्सान आदम (जो कि पहला पुरुष था) को बनाया तो उसने देखा कि आदम अकेला है।परमेश्वर ने कहा कि आदम का अकेला रहना उसके लिए अच्छा नहीं है, उसे एक सहायक की ज़रुरत है और परमेश्वर ने आदम को गहरी नींद में सुलाकर उसके रीढ़ की पसली को निकाला, आदम के शरीर के उस जगह को मांस से ढँक दिया और आदम के उस रीढ़ की पसली से पहली स्त्री को बनाया और उसे आदम के सामने लाकर खड़ा किया। आदम ने उसे देखते ही कहा, “ये मेरी हड्डियों में कि हड्डी और मांस में का मांस है, इसका नाम नारी होगा क्योंकि ये नर में से निकाली गई है”। बाइबल कहती है कि इस तरह पति और पत्नी एक जिस्म होंगे और फ़िर परमेश्वर ने दुनिया के पहले पति पत्नी यानि आदम और हवा को यह कहा कि फलवन्त बनो और इस पृथ्वी पर भर जाओ।

इन बातों से दो चीज़ें पता चलती हैं। पहली चीज़  यह कि परमेश्वर ने स्त्री को पुरुष के अंग से बनाया ताकि वे एक दूसरे के सहायक बने और दूसरी चीज़ यह कि परमेश्वर पति पत्नी को इस दुनिया में  फलवन्त होते हुए देखना चाहते हैं।

पति पत्नी का रिश्ता कैसा होना चाहिए ?

बाइबिल  तो वैसे इस बारे में काफ़ी विस्तार से बताती है पर यहाँ हम कुछ ज़रुरी बातों को जानेंगे।

बाइबिल के अनुसार परमेश्वर ने स्त्री और पुरुष को  अपने स्वरुप में बनाया है। और पति पत्नी होने पर जब वो एक जिस्म होते हैं तब वो परमेश्वर के प्रति हमारा जो प्रेम है उसे दर्शाते हैं।

पति पत्नी का रिश्ता कुछ ऐसा होना चाहिए :-

1. पति पत्नी का एक दूसरे के जीवन पर अधिकार होना चाहिए

2. पति पत्नी एक दूसरे से कभी अलग न रहें

3. पत्नी अपने पति के अधीन रहे और पति अपनी पत्नी से प्रेम रखे

4. पति पत्नी दोनों अपने संबंध को परमेश्वर के प्रेम पर आधारित रखे

5. पति पत्नी दोनों एक दूसरे के पूरक और साथी  होंगे

6. पति और पत्नी के बीच कोई भी चीज़ ‘तुम्हारा’ या ‘मेरा’ नहीं बल्कि ‘हमारा’ होता है

पति और पत्नी का प्यार

जैसा कि पहले हमनें देखा कि बाइबिल के अनुसार पति और पत्नी का प्यार परमेश्वर का हमारे प्रति जो प्रेम है उसे दर्शाता है। जो प्रेम हम यीशु मसीह से करते हैं वैसा प्रेम पत्नी का अपने पति के प्रति  होना चाहिए और जैसा प्रेम यीशु मसीह ने हमसे किया और अपनी जान हमारे पापों को मिटाने के लिए क्रूस पर दी वैसा प्रेम पति का अपनी पत्नी के प्रति होना चाहिए। पति जितना अपनी देह से प्रेम रखता है अपनी पत्नी से भी वैसा ही प्रेम रखे ।

पति का कर्तव्य

अगर पत्नी का फर्ज़ है अपने पति को प्यार करना तो पति का भी कर्तव्य बनता है कि वो अपनी पत्नी की देखभाल करे और उसकी ग़लतियों को माफ़ करे।

पति पत्नी के रिश्ते की समस्याँए

वैसे तो किसी भी रिश्ते में समस्याओं का होना आम बात है और उन समस्याओं को टाला भी जा सकता है पर पति पत्नी को अपने आपसी रिश्तों की समस्याओं पर ज़रुरतन ध्यान देना चाहिए और नीचे दिए गए बातों पर ग़ौर करना चाहिए :

1. तलाक़ किसी भी समस्या का समाधान नहीं । परमेश्वर बाइबल में कहते हैं कि जो रिश्ता उन्होंनें जोड़ा उसे तोड़ने का अधिकार किसी को नहीं

2. जो भी समस्या है उसे बैठकर आपस में बात करके सुलझाया जा सकता है

3. किसी बड़े की सलाह लें

4. गुस्से में कोई भी फ़ैसला न लें

5. समस्या का सामना करें, उसे टालें ना

6. लोगों के सामने पति या पत्नी एक दूसरे की बुराई न करें

7. अगर ऐसी किसी समस्या से आप जूझ रहे हैं तो हमसे संपर्क करें। हम आपको विश्वास दिलाते हैं कि आपकी पहचान गोपनीय रहेगी।

पति पत्नी का रिश्ता पवित्र है क्योंकि इसे परमेश्वर ने बनाया है। जाते-जाते हम एक मशहूर बॉलीवुड गाने की लाईनों के साथ आपको छोड़े जाना चाहते हैं जो कि पति पत्नी को रिश्तों को बयाँ करती है…

“हम बने तुम बने एक दूजे के लिए,

उसको क़सम लगे जो बिछड़ कर एक पल भी जीए…!!!”

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