“क़िस्मत का लिखा कोई नहीं मिटा सकता।” “ये तो नसीबों की बात है।” क्या हमारी ज़िंदगी सच में क़िस्मत का…
भाग्य क्या है? क्या मेरी किस्मत में खुशी लिखी है? कर्म का प्रभाव। हम सब अपनी ज़िन्दगी में कभी ना…