शब्दों के घाव

एक ज़ख़्मी ही, दूसरे को ज़ख्म देता है।

लगभग हर रोज़ हम न्यूज़ चैनल्स पर देखते हैं, कि कैसे समाज में लोग अन्याय और अपराध का शिकार बन…

3 years ago