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क्या आपका मानसिक स्वास्थ्य ठीक है? | Mental Health |

क्या आपका मानसिक स्वास्थ्य ठीक है? | Mental Health |

जीवन

क्या आपका मानसिक स्वास्थ्य ठीक है? | Mental Health |

क्या है मानसिक स्वास्थ्य? मानसिक स्वास्थ्य कैसे आपके जीवन को प्रभावित करता है? कुछ समय से मैं देख और पढ़ रही हूँ कि अचानक मानसिक स्वास्थ्य के बारे में काफ़ी चर्चा चल रही है। आइए जाने कुछ लक्षण जो अच्छे मानसिक स्वास्थ्य का संकेत है।

 मानसिक स्वास्थ्य और समाज

भारत में अगर किसी सामाजिक समस्या पर ध्यान आकर्षित करना हो तो उसे क्रिकेट या हिन्दी सिनेंमा से जोड़ दीजिए। पैडमैंन इसका सबसे सटीक उधारण है। कुछ समय से मैं देख और पढ़ रही हूँ कि अचानक मानसिक स्वास्थ्य के बारे में काफ़ी चर्चा चल रही है। जब से दीपिका पादुकोंन ने मानसिक स्वास्थ (mental health) के बारे में टिपण्णी की है तब से सोशल मीडिया पर लोग खुलकर इसके बारे में चर्चा कर रहे हैं। दीपिकाजी ने कुछ सालों पहले एक टीवी साक्षात्कार में अपने डिप्रेशन का अनुभव साझा किया था।

अगर उन जैसी खूबसूरत, आत्मविश्वासी व्यक्ति को असफलता और डिप्रेशन का सामना करना पड़ सकता है तो ज़ाहिर है ये स्थिति किसी के भी साथ हो सकती है।

एक सर्वे के अनुसार, मेट्रो सिटीज़ में रहनेवाले हर 10 पेशेवर लोगों में से 4 डिप्रेशन का शिकार होते हैं।

आइए पहले समझें कि मानसिक स्वास्थ्य क्या है।

एक व्यक्ति की मनोवैज्ञानिक व भावनात्मक स्थिति को मानसिक स्वास्थ्य कहते हैं। अब ये कैसे पता चल सकता है कि आपका मानसिक स्वास्थ्य अच्छा है?


अच्छे मानसिक स्वास्थ्य के ये लक्षण होते हैं:

1. सकारात्मक मानसिक परिणाम

  • क्या आप खुद को मानसिक रूप से स्वस्थ्य मानते हैं?
  • क्या आप ज़्यादातर खुश महसूस करते हैं?
  • क्या आप ज़्यादातर दिनों में खुद को संतुष्ट पाते हैं?
  • क्या आप मनोवैज्ञानिक तौर पर स्थिर महसूस करते हैं?
  • क्या आप सामाजिक गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं?

2. व्यक्तिगत निर्धारक

  • आप स्थिति के अनुसार खुद को कितना ढाल पाते हैं?
  • क्या आप समस्या का सामना करते हैं या भागने के रास्ते ढूँढते हैं?
  • क्या आपको हिंसा की भावना होती है?
  • क्या आपके साथ कोई हिंसा हुई है पिछले 12 महीनों में?
  • क्या आप वर्ज़िश या कोई शारीरिक गतिविधि नियमित रूप से करते हैं?
  • क्या आप शराब या अन्य नशा करते हैं?
  • आपके लिए धर्म या आध्यात्मिकता कितनी ज़रूरी है?

3. परिवारिक निर्धारक

  • क्या आपके परिवार के साथ संबंध ठीक हैं?
  • क्या आप अकेले रहते हैं? और आपको अकेला रहना खुशी देता है?

4. सामुदायिक निर्धारक

  • आप कितना समय दोस्तों के साथ बिताते हैं?
  • क्या आप बहुत अधिक या कम सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं?
  • आपके अपने सहपाठियों या सह-कर्मियों से कैसे संबंध हैं?
  • क्या आप काम या पढ़ाई करना पसंद करते हैं?
  • क्या आपने अपने जीवन में कोई लक्ष्य बनायें हैं?
  • क्या आपके जीवन में कुछ सपने हैं जो आप पूरे करना चाहते हैं?

अगर आपके अधिकतर जवाब सकारात्मक हैं तो आपकी मानसिक स्थिति स्थिर है। अगर इन में से 4 से अधिक सवालों ने आपको मानसिक रूप से परेशान किया है तो आपको मदद की आवश्यकता है।

मानसिक स्वास्थ्य और सोशल मीडिया

एक खुशहाल जीवन के लिए मानसिक स्वास्थ्य बहुत ज़रूरी है। लेकिन सोशल मीडिया के ज़माने में हम खुश रहकर भी खुश नहीं हैं। सोशल मीडिया हम में हर रोज़ किसी बात को लेकर हीन भावना पैदा करता है। जैसे, एक कॉलेज का छात्र फुटबॉल में बहुत अच्छा है लेकिन हर रोज़ वह दोस्तों की उनकी गर्लफ्रेंड्स के साथ तस्वीरें देख कर हीन भावना से भर जाता है और यह सोचने लगता है की उसकी भी कोई गर्लफ्रेंड होती तो वह ज़्यादा खुश होता।

ये एक मानवीय प्रवृति है जिस से हम बच नहीं सकते। और ये कभी ना कभी हमारे मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है।

दोस्तों यकीन जानिए मैं भी इस तरह की हीन भावना और ईर्ष्या का सामना कर चुकी हूँ। लेकिन जब कभी मुझे ऐसा लगा है की मैं किसी से कम हूँ तो मैं अपनी डायरी में वो चीज़ें लिखने लगती हूँ जो परमेश्वर ने मुझे दी हैं। जैसे मेरी क्षमतायें, मेरा परिवार। लेकिन सबसे अधिक मैं परमेश्वर का धन्यवाद करती हूँ इस जीवन के लिए और इसके बाद के जीवन के लिए।

अनंत जीवन की आशीष

यीशु मसीह ने मुझे न केवल ये जीवन दिया बल्कि मेरी मौत के बाद का भी जीवन दिया। क्योंकि मैने उस पर भरोसा किया, अपने पापों को मानकर माफी माँगी। उसके बदले यीशु मसीह ने मुझे अनंत जीवन की आशीष भी दी और इस जीवन को जीने के लिए एक सहायक दिया। इस सहायक को मैं पाक-ए-रूह या पवित्र आत्मा के नाम से जानती हूँ। और मुझे सही और ग़लत में फ़र्क करना सिखाती है।

जब भी मैं कोई  मानसिक  तनाव महसूस करती हूँ, तो मैं यीशु मसीह से प्रार्थना करती हूँ की वो मेरी मदद करे।

दोस्तों मानसिक स्वास्थ्य की जड़ हमारा मन है, और बाइबिल बताती है कि:

मन तो सब वस्तुओं से अधिक धोखा देने वाला है, उसमें असाध्य रोग लगा है, उसका भेद कौन समझ सकता है?- यिर्मयाह 17: 9

आप जब भी निराश महसूस करें अपने जीवन के बारे में तो याद रखिए की परमेश्वर यीशु मसीह के रूप में आपके साथ हैं। और अगर आप उस से माँगे तो वो आपको शांति और समझ दे सकता है ताकि आप हर परेशानी का सामना कर सकें।

यीशु मसीह ने बाइबिल में कहा है:

संसार में तुम्हे क्लेश होता है, परंतु ढाढ़स बाँधों, मैने संसार को जीत लिया है।- युहन्ना 16: 33

अगर आपको मानसिक रूप से कोई भी परेशानी है या आप यीशु मसीह के बारे में और जानना चाहते हैं, तो हमें लिखिए। चलिए हमारे साथ इस नयी मंज़िल पे।

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