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मुझे स्वर्ग कैसे मिलेगा? आइए जाने स्वर्ग और नरक की सच्चाई और राज़!

भगवान

मुझे स्वर्ग कैसे मिलेगा? आइए जाने स्वर्ग और नरक की सच्चाई और राज़!

ना स्वर्ग मिला, ना नरक मिला, बस दोनो के बीच का फ़र्क़ मिला। क्या है स्वर्ग की सच्चाई? आइए जाने स्वर्गलोक और नरक लोक के चौका देने वाले तथ्य।

स्वर्ग कौन जाएगा?

सुरेश का परिवार एक धर्म सभा में पहुंचा। गुरु ने सवाल किया कि, जो स्वर्ग जाना चाहता है वह अपना हाथ ऊपर उठाए। सुरेश की बीवी और उसकी मां ने झट से अपना हाथ उठाया। गुरु ने सुरेश से पूछा, “क्या तुम स्वर्ग नहीं जाना चाहते?” इस पर सुरेश मुस्कुराते हुए बोला -गुरुजी जब यह दोनों चली जाएंगी तो यहां पर ही स्वर्ग हो जाएगा! जी हाँ दोस्तों, सबने अपना अपना हिसाब किताब लगा लिया है। अगर किसी से पूछे वह स्वर्ग जाएंगे तो बहुत सारे लोगों का जवाब यह होता है कि; मुझे ऐसी उम्मीद है, शायद, या फिर मैं कोशिश कर रहा हूँ! 

कुछ संसार के विचार जो मैंने स्वर्ग के बारे में पढ़े और सुने ऐसे हैं

1. अच्छे काम से कोई भी जन्नत नहीं पा सकेगा मैं भी नहीं – एक महान नबी।

2. नरक में जाने के तीन द्वार है वासना, क्रोध और लोभ। हर एक समझदार व्यक्ति को इन तीन बातों को त्याग देना चाहिए अगर वह अपने आत्मा की हानि नहीं उठाना चाहता है – धर्म गुरु।

3. स्वर्गलोक और नरक-लोक एक समान है। मरने के बाद आपका शरीर जो मिट्टी बन जाता है; पर आत्मा में आप एक स्वपन में होते हो। वहां कुछ परिस्थितियां होंगी, अच्छी भी हो सकती है बुरी भी हो सकती है। यह आप पर निर्भर करता है कि आप उस जगह से कितनी जल्दी बाहर आ जाते हो, और एक नए रूप में फिर से जन्म लेते हो, और यह साइकिल चलता रहता है जब तक आप संतुष्ट नहीं हो जाते!

और बहुत सारी इंफॉर्मेशन हमारे आस-पास है स्वर्गलोक और नरक-लोक  के बारे में इंटरनेट या किताबों में। 

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आइए कुछ मूल सत्य बातों को जाने बाइबिल की दृष्टि से

स्वर्ग कैसा है और वहाँ कैसे जाएं?

भारत में कश्मीर एक खूबसूरत जगह है (चाहे आपने देखी हो या नहीं)। वैसे ही बाइबिल के अनुसार स्वर्ग भी एक निश्चित जगह है। यह परमेश्वर के रहने का स्थान है।

बाइबिल के अनुसार यह एक बहुत खूबसूरत स्थान है। वहाँ सोने की सड़के हैं, वहां के द्वार सुंदर और कीमती मोतियों से लदे हैं। वहां आंसू नहीं होंगे ना किसी तरह का दुख होगा।
(नरक आग की जलती हुई झील हैं। रोना और दांतों का पीसना होगा, कभी ना खत्म होने वाली आग, अनंत काल तक की सजा की जगह)। 

प्रभु यीशु मसीह के द्वारा! यीशु मसीह जो स्वयं परमेश्वर थे, इस दुनिया में आये, क्रूस पर जान दी, तीन दिन के बाद जी उठे और चालीस दिन के बाद करीब ५00 गवाहों के सामने स्वर्ग चले गए।

क्या यह बात उचित नहीं लगती कि

जिस परमेश्वर ने स्वर्ग बनाया।
जो परमेश्वर वहाँ विराजमान है।
जो स्वर्ग से पृथ्वी पर आया।
जो स्वयं स्वर्ग जाने का मार्ग बना।
जो हमारी ही आंखों के सामने स्वर्ग वापस गया।
जिसने स्वर्ग में स्थान बनाने का वादा किया।
जहां वह रहेगा वहां हमें भी रखेगा।
जिसने राजा की तरह वापस आने का वादा भी किया; वही स्वर्ग की सच्चाई को जानता हो! 

ना डिग्री! ना पैसा! ना बलिदान! ना कोई पीड़ा उठाना! यह कोई भी चीज़ आवश्यक नहीं स्वर्ग जाने के लिए क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से उद्धार संभव है।
क्या आप भी परमेश्वर के उस असीम प्रेम को देखना और महसूस करना चाहते है? या आप यीशु के बारे में और ज़्यादा जानना चाहते हैं? तो आप ज़रूर हम से संपर्क करें हमें ख़ुशी होगी आपसे इस विषय में और अधिक बात कर के। चलिए हमारे साथ इस नयी मंज़िल पे।

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