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प्यार और प्रेम के मनोवैज्ञानिक तथ्य: 11 Love Facts

प्रेम और आकर्षण के बारे में मनोवैज्ञानिक तथ्यों

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प्यार और प्रेम के मनोवैज्ञानिक तथ्य: 11 Love Facts

क्या आप प्यार में है? क्या होता है पहली पहली बार जब प्यार किसी से होता है? क्या आप आसमान में उड़ते हैं या खुली आँखों से सपने देखते हैं? क्या पेट में तितलियाँ होती हैं या भूख मर जाती है? आइए जाने कुछ मनोवैज्ञानिक तथ्य प्यार और आकर्षण के!

“प्यार अंधा है, प्यार खुशी है, प्यार सच्चा है, प्यार धोखा है, प्यार आकर्षण है, प्यार पैसा है, प्यार दोस्ती है, प्यार में सब जायज़ है”

हर एक इंसान की परिभाषा प्यार को लेकर अलग है।

किसी ने कहा है कि यह “आई लव यू मेड इन चाइना है ” अगर चल जाए तो चांद तक ले जाए नहीं तो शाम तक “। कितनी ही फ़नी पर सच बात है यह! 
काफी हद तक यह सच ही है यदि प्यार में कामयाबी मिल जाए तो यह चांद तक भी लेकर जाता है और यदि नाकामयाबी मिले तो शाम तक भी लेकर जाता है। पर क्या आप जानते हैं कि किसी से प्यार हो जाना आपके दिल, दिमाग और शरीर को जबरदस्त तरीके से प्रभावित करता है। क्या आप जानते हैं कि यह प्यार उस सिक्के की तरह है जिसके दो पहलू हैं। क्योंकि यह फायदे और नुकसान दोनों के साथ आता है। पर प्यार की नीव पे ही तो है दुनिया रची गयी। प्रभु ने इस दुनिया की रचना और हमारी रचना एक प्रेम भरे रिश्ते के लिए की है। इसी प्रेम के लिए ही तो यीशु मसीह इस दुनिया में आए।

तो आइए जानते हैं कुछ प्रेम और आकर्षण के बारे में मनोवैज्ञानिक तथ्य

1. प्यार में पड़ना बिजली के चमकने जैसा है मेरे कहने पर मत जाइए यह मनोवैज्ञानिक तथ्य है:

जब एक इंसान प्यार में होता है तो उसका बात करने का तरीका, कपड़े पहनने का तरीका, उसका उठना – बैठना बदल जाता है और इसका प्रभाव दिमाग पर ऐसा गंभीर होता है एक पश्चिमी शोध किया गया जिसमें प्यार में पड़े लोगों के ब्रेन स्कैन किए गए और इस स्केन में दिमाग के कई हिस्सों में बिजली जैसी तरंगों को चमकते हुए पाया गया।

2.आपने कभी ऐसा सोचा है कि जब किसी की सगाई या शादी होती है तो उसके दाएं हाथ की चौथी उंगली में ही अंगूठी क्यों पहनाई जाती है? यह मनोवैज्ञानिक तथ्य है:

हमारे दाएं हाथ की चौथी उंगली की नस जिसे (vena Amoris) वेन ऑफ लव भी कहते हैं सीधा हमारे दिल से जुड़ी है।

3.लड़का और लड़की ब्रेक अप से उभरना, मनोवैज्ञानिक तथ्य: शोध में पाया गया है कि लड़कियों से अधिक लड़के दिल टूट जाने के बाद ज्यादा संघर्ष करते हैं क्योंकि वे अपनी भावनाओं के बारे मे किसी दूसरे इंसान के साथ बात करना ठीक नहीं समझते और ऐसी हालत में किसी की मदद लेना नहीं चाहते जबकी लड़कियां अपने दोस्तों के साथ इस बारे में बात करने से इस तकलीफ से जल्दी बाहर आ जाती हैं।  

4.प्यार में पड़े, 4 मिनट में: एक वैज्ञानिक शोध में पाया गया कि एक इंसान को प्यार में पड़ने के लिए बस 4 मिनट लगते हैं यह कहावत तो आपने सुनी ही होगी कि “फर्स्ट इंप्रेशन इज लास्ट इंप्रेशन ” जब दो इंसान पहली बार एक दूसरे से मिलते हैं तो यह पहले 2 से 4 मिनट के भीतर पता लग जाता है कि वह एक दूसरे को पसंद करेंगे या नहीं। 

5.मुझे तो तेरी लत लग गई, ज़माना कहे लत ये गलत लग गई: लत की बात करें तो प्यार में पड़े लोगों का दिमाग शुरुआत में ऐसा ही होता है। ड्रग्स, कोकेन की लत के शिकार लोग और प्यार में पड़े लोगों के दिमाग की हालत सामान्य पाई गई है। प्यार के पहले 1 साल में दिमाग के वह भाग सक्रिय रहते हैं जिससे आपको दूसरे इन्सान की लत लग जाती है और वो इंसान यदि कुछ समय के लिए आपसे दूर हो जाए तो आप बेचैन होने लगते हैं बिल्कुल उन लोगों की तरह जिन्हें ड्रग्स की लत होती है। 

6.सोल्मेट: यह मिलना भी ख़ुशनसीबी होती है। क्या आप जानते हैं कि कुछ जानवर भी हैं जो एक ही साथी के साथ पूरा जीवन बिताते हैं जैसे के भेड़िए, पेंग्विंस, स्वांन।: 

7. दिल टूट जाना: उस बेचारे का तो दिल ही टूट गया यह वाक्य बस दिल के हालात को बयां करने के लिए नहीं पर हकीकत में एक मेडिकल कंडीशन है। हादसे जैसे कि रिश्ता टूट जाना, प्रेमी की मृत्यु हो जाना, डायवोर्स आदि असलियत में हृदय संबंधित समस्या का कारण बन जाता है।

मेरे कॉलेज की एक दोस्त थी जिसका रिश्ता टूट गया था जिसकी वजह से वह डिप्रेशन में चली गई थी और उस कारण उसका ब्लड प्रेशर लो रहता था और साथ ही साथ उसके दिल की धड़कने कम होने लगी थी। डॉक्टर ने उसे और उसके परिवार को यह चेतावनी दे दी थी कि यदि उनकी हालत में सुधार नहीं आया तो उन्हें हार्ट अटैक आ सकता है । 

जी हां ! प्यार में दिल टूट जाना सच में आप को हार्टअटैक दे सकता है।

8.प्यार के शुरुआत के लक्षण: प्यार के शुरुआती समय में आपको ऐसा महसूस होगा कि आपके पेट में तितलियां उड़ने लगी है, हाथों में पसीना आने लगेगा, दिल की धड़कन बढ़ने लगेगी। ऐसा एड्रिनल रश के कारण होता है। वैज्ञानिकों का ऐसा मानना है कि प्यार के पहले 2 साल में आप अपने शरीर में ऐसा महसूस कर सकते हैं और 2 साल के बाद ऐसा कम होने लगेगा। 

9.रोमांटिक लव -> कमिटमेंट लव: यह एक मनोवैज्ञानिक तथ्य है कि 1 साल के बाद आपका रोमांटिक लव -> कमिटमेंट लव में बदल जाता है। और यह कमिटमेंट लव मे इसलिए बदल जाता है ताकि आपका यह रिश्ता लंबी समय तक बना रहे।

10. प्यार का स्वाद: प्यार में पड़ जाना लड़के और लड़कियों दोनों को जलन का स्वाद चखा सकता है। यदि आपके जलन का कारण यह है कि आपका प्रेमी किसी से बात कर रहा है तो चिंता मत कीजिए यह लक्षण है कि आप प्यार में है।

11. बेस्ट फ्रेंड से शादी: एक शोध में पाया गया कि जो लोग अपने बेस्ट फ्रेंड से शादी करते हैं, उनकी शादी में 70% डायवोर्स के लक्षण कम हो जाते हैं उन बाकी शादियों के मुकाबले जिन्होंने अपने किसी दोस्त से शादी नहीं की।

तो यह थे कुछ दिलचस्भ मनोवैज्ञानिक तथ्य प्यार को लेकर। आप प्यार में है, हमारी शुभकामनाए आपके साथ है !! इसके अलग रंगो, तरह तरह के स्वाद को चखने के लिए तैयार हैं। अगर आपको प्यार के बरें में और सवाल है तो हमें लिखिए।  

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